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नयी दिल्ली। आम चुनावों से पूर्व मध्यम वर्ग और कारोबारियों को रिझाने के लिए सरकार ने आज एक बार फिर से अपना पिटारा खोला और सेवा कर और उत्पाद शुल्क में दो फीसद की कटौती करने का ऐलान किया। हालांकि सरकार की ओर से वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने यह ऐलान करते वक्त कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को ग्लोबल क्राइसिस के असर से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने अंतरिम बजट 2009-10 पर लोकसभा में चल रहे डिबेट के जवाब में ये ऐलान किया। नया सर्विस टैक्स अब 10 प्रतिशत हो गया है, जो 12 प्रतिशत था। उत्पाद शुल्क को भी 10 प्रतिशत से घटाकर 8 प्रतिशत कर दिया गया है। यानी उत्पाद शुल्क में दो प्रतिशत की कटौती की गई है। नए रेट आज से ही प्रभावी माने जाएंगे।
मुखर्जी ने यह भी कहा कि सरकार की ओर से पहले किए जा चुके स्टिमुलस पैकेज के ऐलान के वक्त उत्पाद शुल्क में जो चार प्रतिशत की कटौती की गई थी, वह अगले कारोबारी साल में भी जारी रहेगी। यानी यह कटौती 31 मार्च 2009 के बाद भी जारी रहेगी।
वित्त मंत्री ने बल्क सीमेंट पर उत्पाद शुल्क को घटाकर 8 प्रतिशत किए जाने का ऐलान किया और नाप्था पर लागू कस्टम ड्यूटी कट को 31 मार्च 2009 के बाद भी जारी रखे जाने की घोषणा की।