गोण्डा। जिले के करनैलगंज क्षेत्र में लगभग 19 वर्ष पूर्व हुए साम्प्रदायिक दंगे के मामले में सत्र न्यायालय ने सभी 103 आरोपियों को दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया। इस दंगे मे 135 लोग मारे गये थे और सैकड़ो घायल हो गये थे।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आरसी मिश्र ने अपने 20 पृष्ठ के निर्णय में कहा है कि इस बहुचर्चित मुकदमे में 14 प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के मुकर जाने के कारण सभी 103 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया। गौरतलब है कि 30 सितम्बर 1990 को मूर्ति विसर्जन को लेकर करनैलगंज मे दो सम्प्रदायो के बीच दंगा भड़क गया था जो बाद में सीमावर्ती परसपुर कटरा और कोतवाली देहात क्षेत्रो मे भी फैल गया था जिसमे 135 लोगो की मौत हो गयी थी और सैकड़ो लोग घायल हो गये थे। इस सिलसिले मे 106 लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था जिनमें मुकदमे की सुनवाई दौरान तीन आरोपियो और कुछ प्रत्यक्षदर्शी गवाहो की मौत हो गयी थी।