
|
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने एक और खुलासा करते हुए कहा है कि पाक के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ ने मुझे बंधक बनाकर करगिल में युद्ध कराया था। वह मुझे फांसी देना चाहते थे। करगिल युद्ध् का पूरा चक्रव्यूह मुशर्रफ ने रचा था। गौरतलब है कि वर्ष 1999 में ही मुशर्रफ ने तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की सरकार का तख्तापलट कर उन्हें अपदस्थ करके पाकिस्तान की सरकार की बागडोर अपने हांथों में ले लिया था। उसके बाद पाक में तानाशाह मुशर्रफ की हुकूमत चलने लगी थी। मुशर्रफ ने 1999 में कारगिल में बंकर बनाकर भारत पर अप्रत्यक्ष्र रूप से हमला किया था। उस वक्त भारत के कई जांबाज सैनिक पाक सैन्य कर्मियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे। इससे पूर्व नवाज शरीफ के प्रधानमंत्रित्वकाल में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी बस से पाक गए थे। यही यात्रा मुशर्रफ को सुई की तरह चुभ गयी थी। क्योंकि शरीफ और अटल में काफी सौहार्द पूर्ण बातचीत हुई थी। अटल ने शरीफ को भारत आने का न्यौता दिया था। तब शरीफ ने अटल से यह भी कहा था कि जब भी हम भारत आएंगे तो आपके संसदीय क्षेत्र लखनऊ में जरूर जाऊंगा। शरीफ ने उस वक्त अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए अटल से कहा था कि हम लखनऊ में बेगम हजरत महल पार्क से हजरतगंज तक रिक्शे से जाया करते थे। अटल ने कहा भारत आओ हम आपको लखनऊ की रंगीन शाम रिक्शे पर बैठकर दिखाएंगें। यह मैत्रीपूर्ण संबंध मुशर्रफ को अच्छा नहीं लगा। मुशर्रफ ने तभी से शरीफ और भारत के खिलाफ अपने दिमाग में तख्तापलट और कारगिल युद्ध का खाका खींच लिया था।