बेंगलूर। चंद्र अभियान चंद्रयान-1 की सफलता के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ‘इसरो' अब एक साथ दो उपग्रहों का प्रक्षेपण करने की उपलब्धि हासिल करने की तैयारी कर रहा है जिसके तहत राडार इमेजिंग सैटेलाइट रिसैट और अनुसैट नाम के उपग्रह प्रक्षेपित किए जाएंगे।
श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से पीएसएलवी के जरिए इसरो मार्च के अंतिम सप्ताह में इन उपग्रहों को प्रक्षेपित करने की तैयारी में लगा है। भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिक 1780 किलोग्राम वजन के रिसैट को देश के लिए एक बड़ा मील का पत्थर मान रहे हैं। रिसैट अभियान में सी बैंड सिंथेटिक अपर्चर राडार एसएआर नाम का उपकरण लगा होगा।
इसरो प्रवक्ता एस सतीश ने कहा कि अब तक इसरो ने जो भी उपग्रह प्रक्षेपित किए वे सभी आप्टिकल रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट्स हैं लेकिन रिसैट के पास सभी क्षमताएं होंगी।
रिसैट रात यहां तक कि बादलों में भी तस्वीरें लेने में सक्षम होगा। यह एक ऐसी विशेषज्ञता है जो पूर्व में भारतीय रिमोट सेंसिंग उपग्रहों के पास नहीं थी।