काठमांडू। दलालों द्वारा जाली दस्तावेज मुहैया कराये जाने के कारण कुछ महीने पूर्व खाड़ी के देशों में रोजगार पाने के लिए रवाना हुई पांच सौ से अधिक नेपाली लड़कियां भारत की तिहाड़ जेल में बंद हैं।
यह दावा तस्करी के शिकार लोगों के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठन वर्ल्ड एजूकेशन की अध्यक्ष हेलन शेरपा ने किया। उन्होंने दावा किया कि नयी दिल्ली की तिहाड़ जेल में करीब 518 नेपाली लड़कियां बंद हैं क्योंकि उनके पास खाड़ी जाने के लिए वैध दस्तावेज नहीं थे।
वह संयुक्त राष्ट्र ड्रग एवं अपराध ‘यूएनओडीसी' क्षेत्रीय कार्यालय में एक रिपोर्ट के विमोचन के अवसर पर संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से कुछ लड़कियां दो महीने से ज्यादा समय से भारतीय जेलों में हैं। ये लड़कियां इसलिए भारतीय जेलों में पहुंची क्योंकि उन्हें दलालों द्वारा नयी दिल्ली के रास्ते नेपाल से खाड़ी के देशों में ले जाया जा रहा था। दलालों ने उन्हें आकर्षक रोजगार दिलाने के नाम पर उनसे अच्छा खासा धन वसूल किया।
हेलेन ने दावा किया कि उन्हें भारतीय सुरक्षा कर्मियों द्वारा गिरफ्तार किया गया क्योंकि इन लड़कियों के पास समुचित यात्रा दस्तावेज नहीं था और उनमें ज्यादातर अशिक्षित हैं।
यूएनओडीसी आरओएसए की कार्यालय प्रभारी और उप प्रतिनिधि अशिता मित्तल ने इन लड़कियों को बचाने के लिए भारत में अधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया।
नेपाल के गृह सचिव गोवन्द प्रसाद कुसुम ने कहा कि सरकार के पास इस मामले में ऐसी कोई सूचना नहीं है और यदि उसे ऐसी कोई शिकायत मिलती है तो वे लड़कियों को मुक्त कराने के लिए आवश्यक कदम उठायेंगे। टिप्पणियां (0 भेज दिया):
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