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12 Feb 2009 08:30:21 PM IST
Last Updated : 30 Nov -0001 12:00:00 AM IST

भारतीय वैज्ञानिकों ने बजाया डंका


दिल्ली। भारतीय वैज्ञानिकों ने एक बार फिर दुनिया में अपना डंका बजाया है। उन्होंने पहली बार भैंस का क्लोन विकसित करने में सफलता हासिल की है। यही नहीं, इस क्लोन में डाली के क्लोन से भी बेहतर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। भारत के राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान ‘एनडीआरआई' ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। संस्थान ने कहा कि उसने विश्व में पहली बार भैंस का क्लोन विकसित किया है। हरियाणा में करनाल स्थित इस संस्थान में तैयार क्लोन कटरा है। संस्थान ने कहा कि इसे बनाने में डाली ‘भेड़' के मुकाबले बेहतर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। करनाल स्थित एनडीआरआई के पशु प्रौद्योगिकी केंद्र के वैज्ञानिक ने एक बयान में कहा कि हैंडगाईडेड क्लोनिंग तकनीक उस पारंपरिक क्लोनिंग तकनीकका बेहतर परिवर्तित रूप है जिसका उपयोग डाली की क्लोनिंग के लिए किया गया था। भैंस क्लोन का जन्म छह फरवरी को एनडीआरआई परिसर में हुआ। बयान में कहा गया कि नई तकनीक में उपकरण समय और कौशल की जरूरत कम है।


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