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बेंगलूर। वायु सेना प्रमुख एफ एच मेजर ने आज कहा कि मुंबई में सोमवार को एयर इंडिया के विमान से टकराने से बाल बाल बचे राष्ट्रपति के बेड़े में शामिल तीन हेलिकाप्टरों के चालकों ने कोई गलती नहीं की थी।
मेजर ने कहा इस बात पर गौर किया जाए कि राष्ट्रपति के बेड़े में शामिल सभी हेलिकाप्टर वायुसेना के सबसे अनुभवी पायलट उड़ा रहे थे। इसे स्पष्ट तौर पर समझा जाना चाहिए।
वायु सेनाध्यक्ष ने संवाददाताओं से कहा वे लोग एयर इंडिया के विमान के बारे में अंजान थे क्योंकि वह टावर फ्रीक्वेंसी पर था इसलिए दोनों विमानों के बीच कोई संपर्क नहीं था।
वह उन मीडिया रिपोर्टो पर प्रतिक्रिया जता रहे थे जिनमें हेलिकाप्टरों के पायलटों पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने कथित रूप से एयर ट्रैफिक कंट्रोल से अनुमति लिए बिना एयर इंडिया के विमान के करीब खतरनाक ढंग से हेलिकाप्टर उतारे थे।
वायुसेना अध्यक्ष ने नौसैनिक अड्डा आईएनएस कुंजली से सांता क्रूज हवाई अड्डे की ओर लौटते समय राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के दौरे में शामिल तीनों हेलिकाप्टर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा वे सांता क्रूज नियंत्रण के राडार फ्रीक्वेंसी पर थे। उन्होंने कहा आपको पता होना चाहिए कि न तो कोई विमान न कोई हेलिकाप्टर या चालक फ्रीक्वेंसी नहीं बदल सकता जब तक एटीसी न बदले। एफ एच मेजर ने कहा कि हेलिकाप्टरों को उस फ्रीक्वेंसी पर 2। और 3 के क्रम में उतरने को कहा गया था।
वायुसेना अध्यक्ष ने कहा एक पर राष्ट्रपति सवार थी और दूसरा सुरक्षा में तैनात था। तीसरे को मुंबई एटीसी ने उसी फ्रीक्वेंसी पर हवाई पट्टी 27 पर उतरने की अनुमति दी थी।
उन्होंने कहा अनुमति के बाद वे आये थे और उतरे। मेजर ने कहा ऐसा लगता है कि डीजीसीए या नागरिक विमानन की ओर से प्रक्रिया को दुरुस्त करने की जरूरत है क्योंकि हमारे पायलट उन्हीं फ्रीक्वेंसियों पर थे जिनपर उन्हें रहने को कहा गया था।