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नई दिल्ली। सरकार ने गंभीर धोखाधडी की जांच का दायरा बढ़ाते हुए इसके अंतर्गत राजू की 325 कंपनियों को इसके घेरे में ला दिया है।
सत्यम और उसके पूर्व अध्यक्ष बी रामलिंग राजू परिवार से जुड़े 25 लोगों की भी जांच की जा रही है।
दूसरी ओर सरकार ने आटी उद्योग के जानकार और नवगठित निदेशक मंडल के सदस्य किरण कार्निक को संकटग्रस्त आईटी कंपनी सत्यम का चेयरमैन नामित किया है। केंद्र सरकार ने यह घोषणाएं ऐसे समय में की हैं जब कि बाजार नियामक सेबी की एक टीम उच्चतम न्यायालय से आदेश ले कर जेल में बंद सत्यम के पूर्व अध्यक्ष राजू और उसके भाई रामा राजू से पूछताछ खत्म कर रही थी।
सत्यम मामले में ताजा आधिकारिक कार्रवाई का ब्यौरा देते हुए कंपनी मामलों के मंत्री प्रेमचंद गुप्ता ने नयी दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि सत्यम का आडीटर प्राइस वाटरहाउस भी एसएफआईओ की जांच के दायरे में आएगा और इस संबंध में आज आदेश जारी कर दिया गया है। करीब 325 कंपनियां और 20-25 लोग गंभीर धोखाधड़ी जांच संगठन ‘एसएफआईओ' की जांच के दायरे में लिए जा रहे हैं।
गुप्ता ने कहा ये लोग सत्यम और राजू परिवार से जुड़े हैं। एसएफआईओ इनसे जुड़ी सभी कंपनियों और लोगों के बीच संबंधों की जांच करेगा।
उन्होंने नासकाम के पूर्व अध्यक्ष किरण कार्निक को सत्यम का चेयरमैन नियुक्त करने की भी घोषणा की।
गुप्ता ने कहा जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है....निगमित क्षेत्र के व्यापक हित को देखते हुए हमें उम्मीद है कि संपूर्ण परिस्थिति का सही आकलन किया जाएगा।
यह पूछे जाने पर कि क्या जांच एजेंसी इस चरण में जांच करने के लिए पूरी तरह से सक्षम है मंत्री ने कहा कि एसएफआईओ मुद्दे से निपटने के लिए पूरी तरह से सक्षम है।
उल्लेखनीय है कि एसएफआईओ ने राजू बंधुओं से पूछताछ के लिए मजिस्ट्रेट कोर्ट से संपर्क किया था। आज ही सेबी ने राजू से पूछताछ पूरी की।