
|
कोलंबो। भारतीय टीम को लगातार नौ एक दिवसीय मैचों में जीत दिलाने वाले पहले कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की क्षुधा अभी शांत नहीं हुई है और उनका इरादा मौजूदा श्रृंखला में श्रीलंका का 5-0 से सफाया करने का है।
धोनी ने चौथे वनडे में 67 रन से जीत दर्ज करने के बाद कहा कि मैं लगातार चौवीं जीत से खुश हूं लेकिन हम पांचवां मैच भी जीत सके तो इससे बेहतर कुछ नहीं होगा। भारतीय कप्तान तीसरे नंबर पर उतरे और 94 रन की पारी खेली। उन्होंने कहा मैने काफी समय से इस क्रम पर बल्लेबाजी नहीं की थी। हमारे पास अच्छा बल्लेबाजी क्रम था जिसमें आठवें नंबर पर इरफान पठान उतर रहे थे लिहाजा मैने शीर्ष क्रम पर उतरने का फैसला किया।
धोनी ने कहा 34वें ओवर में गेंद बदली गई और हमें दूसरा पावरप्ले खेलना था। इसलिये मैने सोचा कि एक बल्लेबाज को जल्दी शतक पूरा करके पावरप्ले का फायदा उठाना होगा। मैन आफ द मैच गंभीर ने कहा मैं पूरी श्रृंखला में अच्छा खेल रहा था और यह बड़ी पारी खेलने का सही मौका था। सहवाग और धोनी के साथ रहते मुझे सिर्फ अपना स्वाभाविक खेल दिखाना था। उन्होंने अपने प्रदर्शन का श्रेय धोनी और कोच गैरी कर्स्टन को दिया।
गंभीर ने कहा 2008 मेरे लिये अच्छा रहा। इसका श्रेय धोनी को जाता है जिन्होंने मुझे स्वाभाविक खेल दिखाने का हौसला दिया। वहीं मेरी नजर में कर्स्टन भारतीय टीम के सर्वश्रेष्ठ कोच हैं और उम्मीद है कि इस साल भी मैं अच्छा प्रदर्शन कर सकूंगा। उन्होंने सहवाग की तारीफ करते हुए कहा वीरू के साथ ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं होती। वह रनगति को बढाता रहता है। मुझे क्रीज पर जमने और अपने मनपसंद शाट खेलकर रन बनाने का पूरा मौका मिलता है। धोनी ने अपनी टीम की तारीफ करते हुए कहा क्रिकेट टीम का खेल है और एक टीम के रूप में हम अच्छा खेल रहे हैं। आगे भी खेलते रहेंगे।
श्रीलंकाई कप्तान महेला जयवर्धने ने कहा कि भारत का स्कोर 332 रन होने के बाद उनकी टीम के लिये वापसी करना मुश्किल था। उन्होंने कहा 300 से अधिक के लक्ष्य का पीछा करना हमेशा मुश्किल होता है। हमारे विकेट भी नियमित अंतराल पर गिरते रहे और पिच धीमी होने के बाद उस पर रन नहीं बन रहे थे।