
|
नेपीटो। उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने आज यहां म्यांमा के सैन्य शासन के प्रमुख जनरल थान शे से मुलाकात की और इस दौरान दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को नयी बुलंदी पर पहुंचाते हुए सहयोग के लिए दो क्षेत्रों कृषि और रेलवे को चिह्नित किया।
अंसारी और थान शे के बीच की यह मुलाकात इन संकेतों के बीच हुई कि दोनों देशों के बीच के रिश्ते एक सार्थक चरण में प्रवेश करने वाले हैं। म्यांमा ने कृषि और कृषिगत प्रौद्योगिकी में भारत से सहायता मांगी। उसने इसके साथ ही लोकोमोटिव खरीदने में भी गहरी दिलचस्पी दिखाई।
विदेश मंत्रालय में विशेष सचिव विवेक काटजू ने बताया कि जनरल मौंग आए से अंसारी ने कल विस्तार से चर्चा की और जनरल मौंग आए ने कृषि और कृषिगत प्रौद्योगिकी में भारत की प्रगति को रेखांकित किया था और इस क्षेत्र में भारत से सहयोग मांगा था। इस व्यापक चर्चा में दोनों देशों के बीच के द्विपक्षीय संबंधों के तमाम पहलुओं पर चर्चा की गई थी। काट्जू ने उप राष्ट्रपति के साथ गए भारतीय पत्रकारों को कल देर रात बताया कि दोनों देशों के अधिकारी कृषि में सहयोग के विशिष्ट क्षेत्रों को चिह्नित करेंगे।
म्यांमा में भारत के राजदूत आलोक सेन ने कहा कि हमें कृषि में सहयोग के विशिष्ट क्षेत्रों के लिए योजनाएं तय करनी होगी। काट्रजू ने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग के लिए जो दूसरा क्षेत्र उभर कर आया है वह रेलवे है जहां म्यांमा ने सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र को सुदृढ़ करने की अपनी नीति के एक हिस्से के अनुसार अपने रेल नेटवर्क के विस्तार में भारत से मदद मांगी है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारत ने अतीत में लोकोमोटिव की आपूर्ति की है और उनके कार्यप्रदर्शन से प्रभावित म्यांमा और भी लोकोमोटिव लेने के लिए उत्सुक है।
सेन ने कहा कि भारत का रेल नेटवर्क विशाल है। म्यांमा इसकी विशालता और बढ़िया कार्यप्रदर्शन से प्रभावित है और इसलिए वह भारत से इस क्षेत्र में सहयोग मांग रहा है।
उधर भरत ने म्यांमा के समृद्ध हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में रूचि दिखाई है। उसने जलऊर्जा और परिवहन के साथ हाइड्रोकार्बन क्षेत्र को विकास का केन्द्र बिंदु बनाया है जो द्विपक्षीय रिश्तों को एक सार्थक चरण में ले जा सकता है। म्यांमा के नेतृत्व के साथ अंसारी की वार्ता ने यह स्पष्ट और साझी समझ बनाई है कि दोनों देशों के बीच के द्विपक्षीय रिश्ते एक सकारात्मक दिशा में बढ़े हैं।
अंसारी की यात्रा को म्यांमा में बहुत महत्व मिला है। कल दो घंटे की शिष्टमंडल स्तर की वार्ता में म्यांमा की ओर से प्रधानमंत्री और दस मंत्री शामिल हुए। म्यांमा के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार लगभग समूचा कैबिनेट बैठक में शामिल था। दोनों देशों की सरकार में यह एहसास है कि उनके बीच के रिश्तों का दारोमदार आर्थिक सहयोग में है।