मुंबई। बंबई उच्च न्यायालय ने कांग्रेस नेता नारायण राणे के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया। उन्होंने राज्य के राजस्व मंत्री रहते हुए कथित तौर पर एक भूमि विवाद मामले के सिलसिले में अर्ध न्यायिक शक्तियों का पालन करते हुए अदालत के निर्देशों का पालन नहीं किया था।
सोलापुर जिले के कानाबास गांव के निर्मला शेटे ने राणे के खिलाफ एक याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि जब वह राजस्व मंत्री थे तब उन्होंने एक निचले अधिकारी के आदेश पर लगी रोक को हटा दिया था। भूमि विवाद मामले में फैसला शेटे के खिलाफ गया था।
राणे ने राजस्व मंत्री की हैसियत से पिछले साल मई में निचले अधिकारी के फैसले पर पहले रोक लगायी थी। लेकिन बाद में कथित तौर पर गृह राज्य मंत्री सिद्धाराम म्हेत्रे के एक पत्र मिलने के बाद स्थगनादेश को हटा दिया।
शेटे ने यह कहते हुए अदालत की शरण ली कि उसे कोई नोटिस नहीं दिया गया।
न्यायमूर्ति वीसी डागा ने प्रथम दृष्टया पाया कि मंत्री ने कामकाज के लिये अर्द्ध न्यायिक शक्तियों पर जारी दिशानिर्देश का पालन नहीं किया। राणे को नोटिस पर 15 दिन के भीतर जवाब देना होगा।