आम आदमी को बड़ी राहत, 178 वस्तुओं पर GST दर 28 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत हुई

Last Updated 10 Nov 2017 03:15:23 PM IST

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को कहा कि वस्तु एवं सेवा कर परिषद (जीएसटी) ने 178 वस्तुओं पर जीएसटी दर घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है. पहले इन वस्तुओं को 28 प्रतिशत के कर दायरे में रखा गया था.


वित्त मंत्री अरुण जेटली (फाइल फोटो)

दो दिवसीय लंबी बैठक के बाद वित्त मंत्री ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, "वस्तु एवं सेवा कर परिषद (जीएसटी) ने 178 वस्तुओं को 28 प्रतिशत के कर दायरे से बाहर कर दिया है और अब इन वस्तुओं को 18 प्रतिशत के कर दायरे में लाया गया है. यह इस महीने की 15 तारिख से लागू होगा."

उन्होंने कहा, "दो वस्तुओं के कर दायरे को 28 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत कर दिया गया है."

जेटली ने यह भी कहा कि परिषद 28 प्रतिशत कर दायरे पर ध्यान दे रही है और इस कर दायरे में मौजूद सभी वस्तुओं को कम कर दायरे में लाने के लिए तार्किक रूप से लगातार काम किया जा रहा है.

इससे पहले बिहार के उप -मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने जानकारी दी कि जीएसटी परिषद ने चॉकलेट से लेकर डिटरजेंट तक आम इस्तेमाल वाली 177 वस्तुओं पर कर दर को मौजूदा 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का फैसला किया है.

सुशील मोदी ने आज गुवाहाटी में संवाददाताओं को बताया कि परिषद ने 28 प्रतिशत के सर्वाधिक कर दर वाले स्लैब में वस्तुओं की संख्या को घटाकर सिर्फ 50 कर दिया है जो कि पहले 227 थी.  जीएसटी परिषद ने यहां अपनी 23वीं बैठक में आज 177 वस्तुओं पर कर दर में कटौती कर दी.
        
उल्लेखनीय है कि विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्य व्यापक खपत वाली वस्तुओं को 28 प्रतिशत कर दायरे में रखने का विरोध कर रहे थे.  जीएसटी दर के इस स्लैब में ज्यादातर लग्जरी व अहितकर वस्तुओं को रखा गया है.
       
दरें तय करने वाली (फिटमैंट) समिति ने 28 प्रतिशत के स्लैब में आने वाली वस्तुओं की संख्या को घटाकर 62 करने की सिफारिश की थी जबकि परिषद ने इसमें वस्तुओं की संख्या को घटाकर 50 कर दिया है.
       
देश में नयी माल व सेवाकर (जीएसटी) प्रणाली का कार्यान्वयन एक जुलाई से किया गया है. इसमें पांच कर स्लैब 0 प्रतिशत, पांच प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत व 28 प्रतिशत रखे गये हैं.
       
सुशील मोदी ने कहा,  28 प्रतिशत कर स्लैब में 227 वस्तुएं थी. फिटमैंट समिति ने इसमें वस्तुओं की संख्या घटाकर 62 करने की सिफारिश की थी जबकि जीएसटी परिषद ने इससे भी आगे बढ़कर 12 और वस्तुओं को इसके दायरे से हटाने का फैसला किया है.


       
उन्होंने कहा कि सभी तरह की  च्युइंगम, चॉकलेट, फेशियल मैकअप तैयारी के सामान, शैविंग व शैविंग के बाद काम आने वाले सामान, शैंपू, डियोडोरेंट, कपड़े धोने के डिटरजेंट पाउडर व ग्रेनाइट व मार्बल पर अब 18 प्रतिशत दर से जीएसटी लगेगा.
       
उन्होंने कहा-इस बात पर सहमति थी कि 28 प्रतिशत श्रेणी में केवल अहितकर व गैर जरूरी सामान ही होंगे.
       
सुशील मोदी ने कहा,  इसलिए आज जीएसटी परिषद ने ऐतिहासिक फैसला किया कि 28 प्रतिशत जीएसटी दर में केवल 50 वस्तुएं ही होंगी.  इस स्लैब से हटाई गइ बाकी वस्तुओं पर कर दर को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है.
       
रंग रोगन व सीमेंट को 28 प्रतिशत कर दायरे में ही रखा गया है.  उन्होंने कहा,  वाशिंग मशीनों व एयर कंडीशनर जैसे लग्जरी उत्पादों को 28 प्रतिशत जीएसटी दायरे में रखा गया है.
       
उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद के आज के फैसले का राजस्व पर असर 20,000 करोड़ रूपये सालाना होगा.
       
सुशील मोदी ने कहा, इस बात पर सहमति थी कि 28 प्रतिशत स्लैब को धीरे धीरे 18 प्रतिशत पर लाया जाए.  लेकिन इसमें समय लगेगा क्योंकि इससे सरकारी खजाने पर बड़ा असर होगा.

 

भाषा/आईएएनएस


Post You May Like..!!

Latest News

Entertainment