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बृहस्पतिवार, 17 मई, 2012 |
समय नेशनल यूपी/उत्तराखंड एमपी/छत्तीसगढ़ बिहार/झारखंड समय मुंबई एनसीआर/हरियाणा/राजस्थान आलमी सहारा
09 Feb 2012 12:14:27 AM IST
Last Updated : 09 Feb 2012 12:14:27 AM IST

चुनाव प्रचार करिए न!

सहीराम
लेखक
चुनाव प्रचार करिए न!
चुनाव प्रचार करिए न!

 

नरेंद्र मोदीजी यूपी में चुनाव प्रचार के लिए नहीं जा रहे. बताते हैं, नाराज हैं.

उनको मनाते हुए पार्टी ने उनसे यूं आग्रह किया- आप चुनाव प्रचार में नहीं आ रहे. उधर सुषमाजी भी नहीं आ रही हैं पर उनसे हम अलग से आग्रह करेंगे. हालांकि आ तो वरुण गांधी भी नहीं रहे पर यह पता करना पड़ेगा कि वे अपनी मर्जी से नहीं आ रहे हैं या फिर पार्टी ही उन्हें नहीं आने दे रही.

लेकिन पता नहीं आप किस बात से नाराज होकर नहीं आ रहे. पार्टी ने आपकी शान में कभी कोई गुस्ताखी नहीं की. आप उपवास पर बैठे तो पूरी पार्टी पंहुची प्रचार के लिए. अब जब पार्टी चुनाव लड़ रही है तो आपको भी प्रचार के लिए यहां पंहुचना चाहिए. देखिए, पंजाब और उत्तराखंड में तो चुनाव हो भी चुके और आप कच्छ के रन में पतंगबाजी ही करते रहे.

कम से कम यूपी के चुनाव में तो पंहुचिए. आडवाणीजी देखिए, इस उम्र में भी प्रचार कर रहे हैं. आप कह सकते हैं कि उन्हें तो देश घूमने की आदत है. चुनाव न हो तो रथ यात्रा पर निकल जाएंगे लेकिन वे अयोध्या भी पंहुचे हैं राम लला के दर्शन करने. उन्होंने माना भी है कि अयोध्या आंदोलन ने उन्हें बहुत कुछ दिया है. अयोध्या आंदोलन ने आपको भी बहुत दिया है. इसलिए राम लला के दर्शन को तो आइए.

कम से कम कल्याण सिंह यह तो नहीं कह सकेंगे कि हमने रामलला को भुला दिया. अब तो शिवराज सिंह चौहान भी आ रहे हैं. बता रहे हैं, उमाजी की सीट के लिए प्रचार करेंगे. जिन लोगों पर उमाजी ने आरोप लगाया था कि उनका बच्चा अर्थात मध्यप्रदेश का राज छीनने का, जब वही आ रहे हैं उनकी मदद को तो आपके आने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए. आपने तो ऐसा उनके साथ कुछ किया भी नहीं.

हां, वहां बजरंग दलवाले विनय कटियार जी जरूर हैं पर उन्हें लेकर आपके दिल में हिचक नहीं होनी चाहिए. जी, इसलिए नहीं कि वे बाबू सिंह कुशवाहा को ले आए थे. इस मामले में तो उन्हें उमाजी ने ही पटखनी दे दी. अब उनमें वो आग भी नहीं बची, जो आपमें अब भी बची है.

वे बेचारे आपके सामने कहां टिकेंगे. जब आपने विश्व हिंदू परिषद वाले प्रवीण तोगड़िया को खड़े-खड़े लाइन लगा दिया तो बेचारे कटियारजी क्या चीज हैं. वहां तो नीतीशजी भी नहीं आ रहे. कुछ कहते हैं कि आप उनसे डरते हैं पर यह बात हम नहीं मानते. आप किसी से नहीं डरते. अलबत्ता हिचकते जरूर होंगे. कुछ लोगों ने उन्हें आपके मुकाबले प्रधानमंत्री पद का दावेदार जो बना दिया है. इसलिए यह सही बात है कि नीतीशजी से आपका छत्तीस का आंकड़ा है.

उन्होंने आपको बिहार में प्रचार के लिए नहीं आने दिया था. हमें पता है कि आपके दिल पर क्या बीती थी. आप कोई वरुण गांधी नहीं हैं. आप मोदी हैं और कोई कहे कि बिहार के लिए सुशील मोदी ही काफी हैं तो आपको कितनी तकलीफ हुई होगी, हम जानते हैं. हम आपकी पीड़ा समझते हैं. पर इसके लिए आप उत्तर प्रदेश को दंडित क्यों कर रहे हैं. फिर जद यू यहां तो चुनाव भी अलग ही लड़ रहा है.

देखिए, राहुलजी यहीं डेरा डाले हैं. उमाजी अकेले उनका मुकाबला कैसे कर पाएंगी! फिर सोनियाजी भी आ रही हैं. प्रियंकाजी भी अमेठी और रायबरेली में डेरा डाले हैं. गांधी-नेहरू फैमिली का मुकाबला आपके बिना कैसे होगा! वह तुर्शी आपके बिना कहां से आएगी. सो चुनाव प्रचार के लिए आइए.

देखिए, पार्टी सिर्फ उमा भारती को ही वापस नहीं लायी है वह फिर से मंदिर की तरफ भी लौट आयी है, मुस्लिम तुष्टिकरण के विरोध की तरफ भी लौट आयी है, आयोध्या की ओर लौट आयी है, हर उस मुद्दे की ओर लौट आयी है जो आपके दिल के करीब है. माना आजकल विकास आपका शगल है और यहां हमारे अलावा सभी विकास पर जोर दे रहे हैं. फिर भी आप प्रचार के लिए आइए. माना, पार्टी यहां चौथे नंबर पर पंहुच गयी है. सब कह रहे हैं कि वह चुनाव में पिछड़ रही है.

आप आते तो कुछ सहारा मिलता. पर जाहिर है, आप चौथे नंबर की लड़ाई लड़ने तो नहीं आएंगे पर अब यूपी में इसे नंबर एक कैसे बनाएं? हमने तो अटलजी के नाम का सहारा लेकर भी देख लिया. पर बन ही नहीं पा रही. फिर भी हमारी गुजारिश यही होगी कि आप प्लीज प्रचार के लिए जरूर आएं.


 

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